Badi muddat se mere dil mein ek tasveer behti hai… teri zulfon ke chao mein meri taqdeer behti hai…
Teri Khushbu se Mein Bimar Ho gaya, Jabse Dekha Tujhe Gorii Pyaar Ho gaya.
हवा भी रूक जाती है कहने को कुछ तराने...बारिश की बूंदे भी उसे छूने को करती है बहाने..
रोज़ तेरा इंतज़ार होता है, रोज़ ये दिल बेक़रार होता है, काश तुम ये समझ सकते की, चुप रहने वालों को भी किसी से प्यार होता है..
छोड़ दे अब उससे वफ़ा की उम्मीद, जो रुला सकता है वो भुला भी सकता है..